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हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• हृदय की विदà¥à¤¯à¥à¤¤ चालन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का à¤à¤• विकार है। गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के आधार पर हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•à¥à¤¸ को तीन वरà¥à¤—ों में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है:
पà¥à¤°à¤¥à¤® डिगà¥à¤°à¥€: à¤à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤† और वेंटà¥à¤°à¤¿à¤•ल के बीच चालन में देरी होती है, लेकिन सà¤à¥€ धड़कन आयोजित की जाती हैं।
दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ डिगà¥à¤°à¥€: à¤à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤† से कà¥à¤› बीट वेंटà¥à¤°à¤¿à¤•ल तक चालित नहीं किठजाते हैं। दूसरी डिगà¥à¤°à¥€ à¤à¤µà¥€ बà¥à¤²à¥‰à¤• के दो पà¥à¤°à¤•ार होते हैं।
तृतीय डिगà¥à¤°à¥€: हृदय का विदà¥à¤¯à¥à¤¤ आवेग हृदय के ऊपरी से निचले ककà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं जाता है। à¤à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤† और निलय à¤à¤• दूसरे से पूरी तरह से सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रूप से बीट करते हैं। जब à¤à¤¸à¤¾ होता है, तो दिल सही ढंग से नहीं धड़कता है और शरीर में रकà¥à¤¤ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से पंप नहीं कर पाता है। पूरà¥à¤£ हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• à¤à¤µà¥€ हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• का सबसे गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤•ार है और इसके ततà¥à¤•ाल उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• पर आंकड़े: à¤à¤µà¥€ चालन की अधिगà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ और लगातार विफलता à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वयसà¥à¤• वाली आबादी में दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है। फ़रà¥à¤¸à¥à¤Ÿ-डिगà¥à¤°à¥€ हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤•, हालांकि 70 साल से अधिक उमà¥à¤° के बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों में आम है, आमतौर पर सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶à¥‹à¤¨à¥à¤®à¥à¤– (बिना सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ लकà¥à¤·à¤£ या लकà¥à¤·à¤£ के) होता है। उचà¥à¤š डिगà¥à¤°à¥€ आम हो सकती है, विशेष रूप से बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— आबादी में और हृदय रोग के साथ मिलकर जैसे कोरोनरी धमनी रोग (CAD), कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤¾à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ और दिल की बीमारियाà¤à¥¤
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• के लिठजोखिम कारक: कोरोनरी धमनी की बीमारी हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• के महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारणों में से à¤à¤• है। यह फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के साथ अध: पतन और संचालन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ (लेवà¥à¤¸ à¤à¤‚ड लेनेगà¥à¤°à¥‡ की बीमारी) को शांत करने के कारण à¤à¥€ हो सकता है। अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• कारकों में वे दवाà¤à¤‚ शामिल हैं जो पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤•तà¥à¤¤à¥à¤µ, इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ गड़बड़ी, कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤• सरà¥à¤œà¤°à¥€, पेरिकारà¥à¤¡à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸, मायोकारà¥à¤¡à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸, कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤¾à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ और आमवाती हृदय रोग और संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसे डिपà¥à¤¥à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, लाइम रोग, आदि के साथ हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª करते हैं। जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ हृदय बà¥à¤²à¥‰à¤• जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ हृदय रोग के साथ या सामानà¥à¤¯ दिल में संरचनातà¥à¤®à¤• रूप से मौजूद हो सकता है।
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• के लकà¥à¤·à¤£: फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ डिगà¥à¤°à¥€ बà¥à¤²à¥‰à¤• कà¤à¥€ à¤à¥€ रोगसूचक नहीं होते हैं और इसमें किसी à¤à¥€ उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। दूसरे और तीसरे डिगà¥à¤°à¥€ के हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में धीमी गति से दिल की धड़कन (घबराहट), चकà¥à¤•र, सिर चकराना, गिरने की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ या निकट पतन (पà¥à¤°à¥€à¤¸à¤¿à¤‚कोप) और कà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• चेतना/निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (सिंकोप) के बारे में जागरूकता शामिल है। कà¥à¤› रोगियों को अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• थकावट, सीने में दरà¥à¤¦ और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हो सकती है, अनà¥à¤¯ लोगों में कारà¥à¤¡à¤¿à¤à¤• अरेसà¥à¤Ÿ हो सकता है, जिससे मृतà¥à¤¯à¥ हो सकती है।
नैदानिक परीकà¥à¤·à¤£: नाड़ी आम तौर पर धीमी होती है। दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯-डिगà¥à¤°à¥€ हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• में, यह नियमित या नियमित रूप से अनियमित हो सकता है। तृतीय-डिगà¥à¤°à¥€ हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• में यह आमतौर पर धीमा (<50) और नियमित होता है।
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• का निदान कैसे किया जाता है? : इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•ारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ (ECG) हृदय के विदà¥à¤¯à¥à¤¤ चालन की गड़बड़ी के निदान के लिठà¤à¤• ससà¥à¤¤à¤¾ और सरल परीकà¥à¤·à¤£ है। होलà¥à¤Ÿà¤° टेसà¥à¤Ÿ (24 घंटे ECG मॉनिटरिंग) की आवशà¥à¤¯à¤•ता उन रोगियों में हो सकती है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नियमित चालन गड़बड़ी का पता नहीं चलता है। इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¿à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ (EPS) की आवशà¥à¤¯à¤•ता तब हो सकती है जब à¤à¤• गैर-इनवेसिव परीकà¥à¤·à¤£ सिंकोप के कारण का निदान करने में विफल रहता है। इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ गड़बड़ी को बाहर निकालने और चालन में गड़बड़ी पैदा करने वाले पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€à¤—त रोगों का पता लगाने के लिठरकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ का उपयोग किया जाना चाहिà¤à¥¤ थायराइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° का आकलन करने के लिठथायराइड कारà¥à¤¯ का परीकà¥à¤·à¤£ किया जाना चाहिà¤à¥¤
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• का निदान: यह शिथिलता और अतालता की पà¥à¤°à¤•ृति पर निरà¥à¤à¤° करता है। पà¥à¤°à¤¥à¤®-डिगà¥à¤°à¥€ हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• के लिà¤, दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण अचà¥à¤›à¤¾ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिकांश रोगसूचक कà¤à¥€ नहीं होते हैं और उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है।
दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯-डिगà¥à¤°à¥€ हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• के अधिकांश मामलों में किसी à¤à¥€ उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है, लेकिन किसी विशेषजà¥à¤ž दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जांच करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤› मामलों में पà¥à¤°à¤—ति होने पर पेसमेकर डालने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
तृतीय-डिगà¥à¤°à¥€ हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• के कारण हृदय गति रà¥à¤•ना हो सकता है, इसलिठइसका इलाज़ हमेशा पेसमेकर से ही होना चाहिà¤à¥¤
हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• का इलाज कैसे किया जाता है? : उपचार बà¥à¤²à¥‰à¤• की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾, और लकà¥à¤·à¤£ मौजूद हैं या नहीं, इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है। यदि संà¤à¤µ हो तो हारà¥à¤Ÿ बà¥à¤²à¥‰à¤• के किसी à¤à¥€ अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ कारण का इलाज किया जाना चाहिà¤à¥¤ असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤• पेसिंग सपोरà¥à¤Ÿ हेमोडायनामिक रूप से असà¥à¤¥à¤¿à¤° मरीजों के हृदय सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¥€à¤•रण की गड़बड़ी के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¥€à¤•रण के लिठजीवनदान है। दवाà¤à¤‚ जो बीटा बà¥à¤²à¥‰à¤•रà¥à¤¸, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® चैनल बà¥à¤²à¥‰à¤•रà¥à¤¸, डिगॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ जैसे पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤•तà¥à¤¤à¥à¤µ में बाधा डालती हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रोक देना चाहिà¤à¥¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ पेसिंग उन लोगों में पसंद का इलाज है जो हृदय की चालन की गड़बड़ी के अपरिवरà¥à¤¤à¤¨à¥€à¤¯ कारणों के साथ हैं।
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